कवर्धा शहर के बिलासपुर रोड में संचालित शराब दुकान को अविलम्ब स्थानांतरित करें सरकार, नहीं तो युवा कांग्रेस करेगी उग्र प्रदर्शन — विकाश केशरी
बिलासपुर रोड पर संचालित इस शराब दुकान के समीप दो माह में दो लोगों की मृत्यु, क्षेत्र में गहराया आक्रोश

कवर्धा शहर के बिलासपुर रोड में संचालित शराब दुकान को अविलम्ब स्थानांतरित करें सरकार, नहीं तो युवा कांग्रेस करेगी उग्र प्रदर्शन — विकाश केशरी
बिलासपुर रोड पर संचालित इस शराब दुकान के समीप दो माह में दो लोगों की मृत्यु, क्षेत्र में गहराया आक्रोश
कवर्धा – कांग्रेस के तेजतर्रार युवा नेता विकाश केशरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि कवर्धा शहर के बिलासपुर रोड पर स्थित शराब दुकान को अविलंब किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। विगत दो महीनों में इस दुकान के समीप दो निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे स्थानीय जनमानस में रोष व्याप्त है।
इस शराब दुकान के आसपास की स्थिति बेहद चिंताजनक है। शराब सेवन कर उत्पात मचाना, ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न करना, राहगीरों विशेषकर महिलाओं व छात्रों को परेशान करना आम बात हो गई है। रायपुर-बिलासपुर बाईपास रोड के ठीक समीप होने के कारण इस क्षेत्र में भारी ट्रैफिक रहता है, और शराबियों की हरकतों के चलते यह आम जनता के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
जीवनदायिनी सकरी नदी, जो कवर्धा की जलधारा का प्रमुख स्रोत है, आज शराबियों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी का केंद्र बन चुकी है। शराब सेवन के बाद डिस्पोजल ग्लास, प्लास्टिक व अन्य कचरा सीधे नदी में फेंका जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संकट खड़ा हो गया है। वहीं आसपास रहने वाले रहवासी भी इन हालातों से त्रस्त हैं।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह देखा जाता है कि इस शराब दुकान के समीप एक स्कूल संचालित हो रहा है, और वहीं पास मे ही हिंदू आस्था के प्रतीक नंदी जी की प्रतिमा स्थित है जहाँ पर कई बार शराबियों द्वारा खुलेआम शराब सेवन करते हुए तस्वीरें वायरल हुई हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
*विकाश केशरी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि सरकार ने कुछ ही दिनों में इस दुकान के स्थानांतरण को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर क्रमबद्ध उग्र आंदोलन शुरू करेगी।*
*”प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण होगी, लेकिन यदि सरकार ने चुप्पी साधे रखी, तो जिलेभर में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी समस्त ज़िम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।” – विकाश केशरी*





