
पटवारी ट्रांसफर आदेश…
कलेक्टर बनाम एसडीएम: किसके आदेश का होगा पालन?
ग्रामीणों में नाराज़गी,
कबीरधाम, 08 अगस्त 2025:
हल्का नंबर 37, लालपुर कला (अनुविभाग बोड़ला) में पटवारी ट्रांसफर को लेकर प्रशासनिक टकराव खड़ा हो गया है। जहां एक ओर कलेक्टर कबीरधाम द्वारा दिनांक 10.07.2025 को पटवारी लीलक साहू का तत्काल ट्रांसफर आदेश जारी किया गया था, वहीं दूसरी ओर 04.08.2025 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बोड़ला द्वारा देवकुमार साहू का आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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क्या है मामला?
10 जुलाई 2025:
कलेक्टर कबीरधाम ने हल्का नंबर 37 से पटवारी लीलक साहू का स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया।04 अगस्त 2025:
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बोड़ला ने एक नया आदेश जारी किया जिसमें एक अन्य पटवारी को उसी हल्का में पदस्थ करने की बात कही गई।
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⚖️ प्रशासनिक दृष्टिकोण से समझिए:
कलेक्टर जिला प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी होता है।
उनके आदेश को एसडीएम या अन्य अधिकारी निरस्त नहीं कर सकते जब तक नया आदेश उन्हीं से न आए।


एसडीएम का आदेश कलेक्टर के आदेश के अनुरूप होना चाहिए।
यदि वह विपरीत है और बिना अनुमति के जारी हुआ है, तो उसे मान्य नहीं माना जाएगा।
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ग्रामीणों की नाराज़गी:
ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी द्वारा कार्यभार न छोड़ने से छात्रवृत्ति सत्यापन, जाति प्रमाण पत्र, बी-1, खतौनी, नक्शा आदि के काम ठप पड़े हैं।
ग्राम पंचायत सरपंच के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर तत्काल रिलीव करने की मांग की है।
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निष्कर्ष:
यह स्पष्ट है कि कलेक्टर का आदेश “तत्काल प्रभावशील” था और वही मान्य एवं प्रभावी माना जाएगा। जब तक वह आदेश संशोधित या निरस्त नहीं होता, तब तक अन्य कोई आदेश प्रभावी नहीं हो सकता।
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जनहित की मांग:
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन स्पष्टता के साथ आदेशों की पालना कराए ताकि क्षेत्रीय जनता को हो रही असुविधा से राहत मिल सके।
साथ ही 3 दिनों के भीतर कलेक्टर साहब का आदेश पालन नही हुआ तो सिगनल चौक में ग्रामीण हड़ताल में बैठने की चेतावनी पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधीश को दी है





