आदर्श नगर में हलषष्ठी पर्व पर विधि-विधान से पूजा, माताओं ने रखी निर्जला व्रत
महिलाओं ने हलषष्ठी माता की पूजा-अर्चना की।


आदर्श नगर में हलषष्ठी पर्व पर विधि-विधान से पूजा, माताओं ने रखी निर्जला व्रत
कबीरधाम। आज जिले में पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ हलषष्ठी पर्व मनाया गया। आदर्श नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही माताएं और महिलाएं व्रत-उपवास की तैयारी में जुटी रहीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माताएं संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं।

hw-remosaic: 0;
touch: (-1.0, -1.0);
modeInfo: ;
sceneMode: Night;
cct_value: 0;
AI_Scene: (-1, -1);
aec_lux: 0.0;
hist255: 0.0;
hist252~255: 0.0;
hist0~15: 0.0;

hw-remosaic: 0;
touch: (-1.0, -1.0);
modeInfo: ;
sceneMode: Night;
cct_value: 0;
AI_Scene: (-1, -1);
aec_lux: 0.0;
hist255: 0.0;
hist252~255: 0.0;
hist0~15: 0.0;
आदर्श नगर में सामूहिक रूप से महिलाओं ने हलषष्ठी माता की पूजा-अर्चना की। विधि-विधान से पूजा के दौरान हलषष्ठी माता के साथ भगवान कृष्ण के बालरूप का भी पूजन किया गया। पारंपरिक तरीके से मिट्टी की चौकी पर माता की प्रतिमा स्थापित कर दूध, दही, धान, चना, और सात प्रकार के अनाज से अर्घ्य अर्पित किया गया।
पूजा-पाठ के दौरान माताओं ने अपने बच्चों के नाम से मंगलकामना करते हुए भजन-कीर्तन भी गाए। दोपहर बाद व्रती महिलाओं ने कथा वाचन सुना, जिसमें हलषष्ठी पर्व के महत्व और कथा का वर्णन किया गया। मान्यता है कि इस दिन हल और गाय का दूध, दही, मट्ठा वर्जित होता है, इसलिए माताएं इनका सेवन नहीं करतीं।
शाम को व्रत का पारायण कर माताओं ने अन्न-जल ग्रहण किया और अपने परिवार की खुशहाली की मंगल कामना की।





