तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी वाई. डी. साहू का गंभीर कारनामा उजागर
कर्मचारियों के नाम पर लाखों रुपये के चेक जारी किए,

तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी वाई. डी. साहू का गंभीर कारनामा उजागर
जिला कबीरधाम – तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (D.E.O) वाई. डी. साहू पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। सूत्रों के अनुसार साहू ने अपने कार्यकाल के दौरान कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों के नाम पर लाखों रुपये के चेक जारी किए, जबकि संबंधित बिल किसी और के नाम से बनाए गए थे।
कैसे होता था फर्जीवाड़ा?
विभागीय कार्यों के लिए तैयार किए गए बिल और भुगतान आदेश किसी अन्य व्यक्ति या सप्लायर के नाम पर बनाए जाते थे।
लेकिन चेक उन कर्मचारियों के नाम पर जारी किए जाते थे, जो कार्यालय में पदस्थ थे – जिनका उस भुगतान से कोई सीधा लेना-देना नहीं होता था।

कर्मचारियों से चेक लेकर नकद राशि निकाली जाती थी, और आगे यह पैसा कहां जाता था, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता।
मामला बेहद गंभीर
यह सीधे-सीधे राजकोषीय नियमों का उल्लंघन है।
सरकारी धन के गैरकानूनी तरीके से लेन-देन और शासकीय पद का दुरुपयोग दर्शाता है।
यदि जांच की जाए तो इसमें लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का खुलासा हो सकता है।
जांच और कार्रवाई की ज़रूरत
संबंधित कर्मचारियों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगालना ज़रूरी है।
यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का एक सुनियोजित रूप हो सकता है, जिसे जिम्मेदार अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अंजाम दिया। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।





